Deprecated: stripslashes(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u713642183/domains/scienceshala.com/public_html/wp-content/plugins/easy-adsense-ads-scripts-manager/inc/hook-header-footer.php on line 6

आओ घर पर बनाए विंड मिल (How to make windmill at home ?)

0

Deprecated: stripslashes(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u713642183/domains/scienceshala.com/public_html/wp-content/plugins/easy-adsense-ads-scripts-manager/inc/hook-the_content.php on line 108

Deprecated: stripslashes(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u713642183/domains/scienceshala.com/public_html/wp-content/plugins/easy-adsense-ads-scripts-manager/inc/hook-the_content.php on line 114

Deprecated: stripslashes(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u713642183/domains/scienceshala.com/public_html/wp-content/plugins/easy-adsense-ads-scripts-manager/inc/hook-the_content.php on line 119

आपने खेतो में लगे लगे बड़े बड़े पंखे देखे होंगे ., कभी आपने सोचा है की खेतो में पंखो का क्या काम है | खेतो के खुले मैदान में जहाँ हवा अपने तीव्र वेग के साथ बहती है , वहां पंखो को क्यों लगाया जाता है | असल में यह पंखे पवन ऊर्जा (wind mill ) के पंखे होते है | जब यह पंखे तेज़ हवा की वजह से घुमते है तो बिजली उत्पन्न होती है | जिसे पवन ऊर्जा ( Wind energy ) कहा जाता है  |

पवन ऊर्जा (Wind energy ) क्या है ( what is wind energy ?)

पवन ऊर्जा , ऊर्जा का नवीनीकृत स्त्रोत है | इस ऊर्जा में हवा का उपयोग करके बिजली उत्पन्न की जाती है  | पवन ऊर्जा बनाने के लिए खुले मैदानों में जहाँ तेज़ हवा चलती है , वहां बड़े बड़े पंखे लगाए जाते है | इन पंखो के द्वारा हवा की गतिज ऊर्जा  (kinetic energy ) को यांत्रिक ऊर्जा  (Mechanical energy ) में परिवर्तित किया जाता है | फिर इस ऊर्जा का उपयोग कर जनित्र ( generator ) की मदद से इसे विद्युत् ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है | पवन ऊर्जा का उपयोग सबसे पहले स्कॉटलैंड में जुलाई 1887 में किया गया था |

पवन चक्की के प्रमुख भाग (Main parts of windmill)

टावर (tower )

यह पवन चक्की का वेह भाग है जो की हवा की वजह से घूमता है , यह पवन चक्की के जनरेटर शाफ़्ट से जुड़ा रहता है | रोटर के ऊपर पंखे लगे होते है , जो की हवा चलने पर घुमते है जिससे बिजली बनती है |

पंखे  (Blades )

यह वक्र (curve ) आकार के होते है , जो की हवा के चलने पर घुमते है | ऊर्जा की ज़रूरत के आधार पर इनकी संख्या निर्धारित की जाती है  | छोटी पवन चक्की में 2 तो बड़ी पवन चक्की में इनकी संख्या 12 तक हो सकती है |

ब्रेक (Brake )

यह आपातकाल की स्तिथि में पवन चक्की को रोकने में काम आते है |

गियर बॉक्स (Gear box )

बड़ी पवन चक्कियो में चक्की की स्पीड बढाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है |

जनरेटर (Generator )

यह पवन चक्की का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है , जहाँ ऊर्जा का रूप परिवर्तित होता है , और हमें बिजली प्राप्त होती है  |

घर पर बनाए पवन चक्की

आज हम आपको घर पर पवन चक्की का मॉडल बनाने की विधि बताने जा रहे है  |

सामग्री  ( Required Material )

कार्ड बोर्ड

DC मोटर

ग्लू गन

led बल्ब

तार

विधि (Method )

 1: रोटर का निर्माण (Building the rotor)

कार्डबोर्ड के बड़े टुकड़े को पकड़ें और 4 सर्कल आकार के  टुकड़े काट लें, प्रत्येक लगभग 3 सेमी व्यास। एक मोटा गोला  बनाने के लिए गोंद की मदद से सभी को एक साथ चिपका दें।

अब इसके ऊपर पतले कागज़ को लपेट दीजिए |

2: ब्लेड का निर्माण (Building the blades)

बड़े कार्डबोर्ड से 4 आयताकार (Rectangle )  टुकड़े काटें, प्रत्येक का साइज़ 8cm X 2.5cm  होना चाहिए |  टुकड़ों के एक किनारे को काट लें ताकि वे एक गोल आकार बना सकें ताकि आप उन्हें रोटर पर आसानी से चिपका सकें जो आपने अभी ऊपर बनाया है।

आपको सभी 4 टुकड़ों को बीच में थोड़ा मोड़ना होगा ताकि वे कुछ गोल दिखाई दें, बिलकुल टर्बाइन की ब्लेड की तरह  | अपने रोटर के सभी 4 ब्लेडों को गोंद दें और उन्हें सूखने के लिए छोड़ दें।

3: टावर का निर्माण (Building the tower)

जब तक ब्लेड सूख रहे है तब तक हम टावर का निर्माण कर लेते है  जिसके ऊपर  रोटर को लगाया जाएगा ।

कार्डबोर्ड का  एक पतला हिस्सा काट लें, जिसकी माप 30cm x 12cm हो ।

एक पोल बनाने के लिए इस कटआउट को एक पेन के चारों ओर लपेट कर टावर का आकार दे |

4: मोटर को माउंट करना (Mounting the motor)

अब  डीसी मोटर को लेकर  और इसे कार्डबोर्ड पेपर के एक टुकड़े के साथ लपेटें जो इसकी लंबाई में ठीक से फिट हो। ध्यान रहे की  मोटर का नुकीला हिस्सा रैप वर्क के बाहर रहता है।

रोटर को चारो  ब्लेड के बीच रख लें और इसके बीच से एक छोटा सा छेद करें। यह वह जगह है जहां मोटर का नुकीला हिस्सा रोटर से जुड़ जाएगा।

अब ग्लू गन  की मदद से सकारात्मक (POSITIVE ) और नकारात्मक (NEGATIVE) तारों को अपनी मोटर से कनेक्ट करें, तार की लम्बाई इतनी होनी चाहिए की आप आसानी से led बल्ब को इससे जोड़ सके |

मोटर को लपेटने वाले कागज को पोल से चिपका दें और इसे सूखने के लिए छोड़ दें।

5: घर बनाना (Making home )

आपको एक हाउस मॉडल भी बनाना होगा जो आपके पवन टरबाइन द्वारा उत्पादित बिजली का उपयोग करके जलाया जाएगा।

ऐसा करने के लिए अपने घर की 4 दीवारें बनाने के लिए समान आकार के 4 टुकड़े काट लें। एक दरवाजा खोलने वाले एक टुकड़े को काटें और शेष 3 टुकड़ों पर खिड़की के को काट लें।

अपने घर को पूरा करने के लिए सभी 4 टुकड़ों को एक साथ गोंद दें, दरवाजा  के  कटआउट वाला टुकड़ा सामने रहता है।

ध्यान रखें कि आपको अपने घर की छत बनाने के लिए एक और टुकड़ा काटने की भी आवश्यकता होगी…

6: led बल्ब  को जोड़ना (Connecting the light)

led बल्ब  लाइट को अपने घर की किसी भी खिड़की पर चिपका दें और टेप का उपयोग करके इसे अपने घर की किसी भी जगह पर रखें।

एक बार जब घर के अंदर सब सही तरह से सेट हो जाए, , अब आप छत को अपना घर बना सकते हैं। कार्डबोर्ड  के दो टुकड़े लें और उन्हें किनारों पर चिपकाकर एक त्रिकोणीय छत का आकार दें और फिर छत को अपने घर की 4 दीवारों पर चिपका दें।

पूरे घर को एक मोटी गत्ते की परत (घर का फर्श, यानी) से चिपका दें ताकि यह अधिक स्थिर महसूस हो सके।

अब अपने पूरे घर और टावर दोनों को प्लाइवुड बोर्ड से इस तरह चिपका दें कि आपका सारा प्रोजेक्ट एक ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद हो।

फिर, मोटर और एलईडी तारों को एक साथ कनेक्ट करें।

7: टर्बाइन को मोड़ें (Get the turbine turning)

अब जब सब कुछ सेट हो गया है और चलने के लिए तैयार है, तो समय आ गया है कि टर्बाइन को विद्युत ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए चालू किया जाए और उस बल्ब को आपकी खिड़की पर लटका दिया जाए।

अपने टरबाइन ब्लेड को घुमाने के लिए हवा के स्त्रोत जैसे की एक टेबल फैन का उपयोग करें। इससे  मोटरघूमेगा , जो बदले में, विद्युत ऊर्जा का उत्पादन करेगी, जो तब तारों के माध्यम से प्रवाहित होगी और आपके एलईडी बल्ब को जलाएगी!

ऊर्जा का नवीनीकरण स्त्रोत ( renewable sources of energy ) –

ऊर्जा के नवीनकरण स्त्रोत वो होते है , जो की प्रक्रति में असीमित मात्रा में मौजूद है , जिनका लगातार उपभोग करने के बाद भी उनकी मात्रा में कोई कमी नहीं आएगी |  जैसे पवन ऊर्जा , सौर ऊर्जा

ऊर्जा के अनवीनीकृत स्त्रोत ( non-renewable sources of energy )

  – जीवाश्म ईंधन (Fossil fuel ) जैसे कोयला , पेट्रोल जो की धरती में काफी करोडो सालो में बन पाते है  | और इनके लगातार इस्तेमाल से यह समाप्त हो सकते है  | 

ऊर्जा संरक्षण ( Energy Conservation ) – 

आजकल जिस तरह से लगातार जीवाश्म ईंधन का उपयोग किया जा रहा है , उस रफ़्तार से आने वाले कुछ ही सालो में यह संसाधन समाप्त हो जाएंगे  | उसके बाद हमें काफी सघन ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ सकता है  | इसलिए जितना ज्यादा हो सके ऊर्जा का संरक्षण किया जाना चाहिए  | पवन ऊर्जा , सौर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए  | गाडियों का उपयोग कम करना चाहिए , बिजली का दुरूपयोग रोकना चाहिए | ज़रूरत न होने पर लाइट पंखे बंद कर देना चाहिए  |  ऐसे कई छोटे छोटे उपाय करके हम ऊर्जा का संरक्षण कर सकते है |

We will be happy to hear your thoughts

Leave a reply

Captcha


Deprecated: stripslashes(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u713642183/domains/scienceshala.com/public_html/wp-content/plugins/easy-adsense-ads-scripts-manager/inc/hook-header-footer.php on line 13
ScienceShala
Logo
Enable registration in settings - general