नासा की IXPE ने पहली बार व्हाइट ड्वार्फ स्टार को मापा

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Astronomy, Space Exploration

नासा की IXPE मिशन क्या है?

नासा की इमेजिंग एक्स-रे पोलरिमीटर एक्सपेरिमेंट (IXPE) एक अंतरिक्ष आधारित मिशन है जो एक्स-रे पोलरिमेट्री का उपयोग करके ब्रह्मांड के विभिन्न वस्तुओं का अध्ययन करता है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य एक्स-रे पोलरिमेट्री का उपयोग करके ब्रह्मांड के विभिन्न वस्तुओं के गुणों को समझना है, जैसे कि तारे, गैलेक्सी, और ब्लैक होल।

IXPE मिशन में एक्स-रे पोलरिमीटर का उपयोग करके एक्स-रे के पोलराइजेशन को मापा जाता है, जो वस्तु के चुंबकीय क्षेत्र और प्लाज्मा के गुणों के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह जानकारी वैज्ञानिकों को वस्तु के गुणों को समझने में मदद करती है और ब्रह्मांड के विभिन्न प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है।

व्हाइट ड्वार्फ स्टार क्या है?

व्हाइट ड्वार्फ स्टार एक प्रकार का तारा है जो अपने जीवनकाल के अंत में पहुंच गया है। जब एक तारा अपने जीवनकाल के अंत में पहुंचता है, तो यह अपने बाहरी परतों को खो देता है और अपने कोर को छोड़ देता है। यह कोर एक घने और गर्म तारे के रूप में रहता है, जिसे व्हाइट ड्वार्फ स्टार कहा जाता है।

व्हाइट ड्वार्फ स्टार बहुत गर्म होते हैं और उनका तापमान 10,000 से 200,000 केल्विन तक हो सकता है। वे अपने जीवनकाल के दौरान अपनी ऊर्जा को खो देते हैं और अंततः एक ब्लैक ड्वार्फ में बदल जाते हैं। व्हाइट ड्वार्फ स्टार का अध्ययन करने से वैज्ञानिकों को तारों के जीवनकाल और उनके विकास के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

नासा की IXPE ने व्हाइट ड्वार्फ स्टार को कैसे मापा?

नासा की IXPE ने व्हाइट ड्वार्फ स्टार को मापने के लिए एक्स-रे पोलरिमेट्री का उपयोग किया। IXPE ने व्हाइट ड्वार्फ स्टार से आने वाले एक्स-रे के पोलराइजेशन को मापा, जो तारे के चुंबकीय क्षेत्र और प्लाज्मा के गुणों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

IXPE के परिणामों से पता चलता है कि व्हाइट ड्वार्फ स्टार का चुंबकीय क्षेत्र बहुत मजबूत है और इसका प्लाज्मा बहुत गर्म है। यह जानकारी वैज्ञानिकों को व्हाइट ड्वार्फ स्टार के गुणों को समझने में मदद करती है और तारों के जीवनकाल के बारे में जानकारी प्रदान करती है।

निष्कर्ष

नासा की IXPE ने व्हाइट ड्वार्फ स्टार को मापने के लिए एक्स-रे पोलरिमेट्री का उपयोग किया, जो तारे के गुणों को समझने में मदद करता है। यह जानकारी वैज्ञानिकों को तारों के जीवनकाल और उनके विकास के बारे में जानकारी प्रदान करती है। नासा की IXPE मिशन ब्रह्मांड के विभिन्न वस्तुओं के गुणों को समझने में मदद करता है और ब्रह्मांड के विभिन्न प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।

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