परिचय
नासा के वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत खोज की है, जिसमें उन्होंने एक ‘मृत’ तारे को जीवित देखा है। यह तारा एक श्वेत वामन तारा है, जो अपने जीवनकाल के अंत में पहुंच चुका था। नासा के वैज्ञानिकों ने इस तारे को आईएक्सपीई नामक एक अंतरिक्ष यान की मदद से देखा है, जो पहली बार एक श्वेत वामन तारे के अंदरूनी हिस्से को मापने में सफल रहा है।
यह खोज नासा के वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे उन्हें तारों के जीवनकाल और उनके अंतिम चरणों के बारे में अधिक जानने का मौका मिलेगा। श्वेत वामन तारे वे तारे होते हैं जो अपने जीवनकाल के अंत में पहुंच चुके होते हैं और जिनका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के लगभग 8 गुना से अधिक नहीं होता है।
श्वेत वामन तारे क्या हैं?
श्वेत वामन तारे वे तारे होते हैं जो अपने जीवनकाल के अंत में पहुंच चुके होते हैं और जिनका द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के लगभग 8 गुना से अधिक नहीं होता है। जब एक तारा अपने जीवनकाल के अंत में पहुंचता है, तो वह अपने बाहरी वातावरण को खो देता है और एक छोटे से गर्म तारे में बदल जाता है।
श्वेत वामन तारे बहुत गर्म होते हैं और उनका तापमान लगभग 1 लाख डिग्री सेल्सियस होता है। वे इतने गर्म होते हैं कि वे अपने आसपास के अंतरिक्ष में विकिरण को उत्सर्जित करते हैं और यह विकिरण हमें पृथ्वी से दिखाई देता है।
नासा का आईएक्सपीई मिशन
नासा का आईएक्सपीई मिशन एक अंतरिक्ष यान है जो श्वेत वामन तारों के अंदरूनी हिस्से को मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह यान पहली बार एक श्वेत वामन तारे के अंदरूनी हिस्से को मापने में सफल रहा है और इससे नासा के वैज्ञानिकों को तारों के जीवनकाल और उनके अंतिम चरणों के बारे में अधिक जानने का मौका मिलेगा।
आईएक्सपीई मिशन ने श्वेत वामन तारे के अंदरूनी हिस्से को मापने के लिए एक विशेष प्रकार के विकिरण को उपयोग किया है, जिसे एक्स-रे विकिरण कहा जाता है। यह विकिरण तारे के अंदरूनी हिस्से से उत्सर्जित होता है और इससे हमें तारे के अंदरूनी हिस्से के बारे में जानकारी मिलती है।
निष्कर्ष
नासा के वैज्ञानिकों ने एक अद्भुत खोज की है, जिसमें उन्होंने एक ‘मृत’ तारे को जीवित देखा है। यह तारा एक श्वेत वामन तारा है, जो अपने जीवनकाल के अंत में पहुंच चुका था। नासा के वैज्ञानिकों ने इस तारे को आईएक्सपीई नामक एक अंतरिक्ष यान की मदद से देखा है, जो पहली बार एक श्वेत वामन तारे के अंदरूनी हिस्से को मापने में सफल रहा है।
यह खोज नासा के वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे उन्हें तारों के जीवनकाल और उनके अंतिम चरणों के बारे में अधिक जानने का मौका मिलेगा। इससे हमें तारों के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी और हमें उनके जीवनकाल और उनके अंतिम चरणों के बारे में समझने में मदद मिलेगी।
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