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रेडियो टेलीस्कोप क्या हैं? What is Radio telescope ?

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रेडियो टेलीस्कोप क्या हैं?(What is Radio telescope ?)

जिस तरह ऑप्टिकल टेलीस्कोप (optical telescope ) दृश्य प्रकाश को एकत्रित करते हैं, उसे एक फोकस में लाते हैं, इसे बढ़ाते हैं और विभिन्न उपकरणों द्वारा विश्लेषण के लिए उपलब्ध कराते हैं, इसीतरह   रेडियो टेलीस्कोप (Radio Telescope) कमजोर radio light waves को इकट्ठा करते हैं, इसे फोकस में लाते हैं, उन्हें बढ़ाते  हैं ताकि उनका विश्लेषण आसानी से किया जा सके  । तारों, आकाशगंगाओं, ब्लैक होल और अन्य खगोलीय पिंडों में स्वाभाविक रूप से होने वाली रेडियो लाइट का अध्ययन करने के लिए Radio Telescope का उपयोग किया जाता हैं।  सौर मंडल में ग्रहों  (planetary bodies ) की Radio Light  को Transmit  करने और Reflect  करने के लिए भी उनका उपयोग किया जाता है । ये विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए Radio Telescope प्रकाश बड़ी Wavelength का निरीक्षण करते हैं, जो 1 MM  से लेकर 10 M  तक लंबा हो सकती  है।

सामान्य   Radio waves  अंतरिक्ष से हमारे पास पहुंचने तक बेहद कमजोर हो जाती हैं। जिन cosmic waves को Telescope पकड़ पाता है वो cell Phone के signal से कई गुना कमज़ोर होती हैं |

सबसे पहले किसने खोजा था इसे – (Who invented Radio Telescope )

इसका इस्तेमाल पहली बार 1930 के दशक में कार्ल जंस्की नाम के एक अमेरिकी खगोलशास्त्री ने किया था जब उन्होंने Milky Way (Galaxy )  से Radiation को  आते देखा था। उसके बाद, Radio Astronomy में सितारों, आकाशगंगाओं, पल्सर, क्वासर और अन्य खगोलीय वस्तुओं का अध्ययन किया जाता  है। कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड रेडिएशन (Cosmic Microwave Background Radiation ) का अध्ययन करके बिग बैंग (Big Bang Theory ) सिद्धांत की भी पुष्टि की गई है।  

Radio Astronomy   में, Radio Waves को एक बड़े Radio Antena  के माध्यम से Capture किया जाता है और फिर उनकी जांच की जाती है। इन Radio Antena  को  Radio Telescope कहा जाता है। कभी-कभी Radio Astronomy एक  एंटीना के साथ किया जाता है और कभी-कभी Radio Telescope  के एक पूरे समूह का उपयोग किया जाता है, ताकि बेहतर Radio Signal को जोड़ कर सम्पूर्ण तस्वीर प्राप्त की जा सके |

 Radio Telescope  के बड़े आकार के कारण, इस तरह के Telescope  अक्सर बीहड़ क्षेत्रों में पाए जाते हैं जैसे कि शहर से दूर रेगिस्तान और पहाड़ आदि पर |

Radio Telescope   के भाग – (Parts of Radio Telescope )

Telescope  कई आकर में बनाये  जाते हैं ,जो कि इस आधार पर बनाये जाते है की उन्हें किस प्रकार के signal को capture करना है |

 हालांकि, हर Radio Telescope   में  एक एंटीना Mount  होता है और सिग्नल का पता लगाने के लिए एक Receiver का प्रयोग होता है |

अन्तरिक्ष से आने वाली Radio Waves बहुत कमज़ोर होती हैं इसलिए उनको Capture करने के लिए दुनिया के सबसे बड़े Telescope का प्रयोग होता है और बहुत ही संवेदनशील रेडियो रिसीवर का प्रयोग किया जाता है |

रेडियो टेलीस्कोप व्यापक रूप से भिन्न होते हैं, लेकिन उन सभी में दो भाग होते हैं:

(1) एक बड़ा रेडियो एंटीना और (2) एक रेडियोमीटर या रेडियो रिसीवर (3)डिटेक्टर और एक विश्लेषक (analyzer )

एंटीना  (The Antenna )

सबसे पहला एंटीना एक  Metal Dipole Antenna है, जिसका उपयोग अक्सर कारों पर Radio Waves Broadcaster   अपने ऑडियो शो के लिए प्रयोग करते हैं |

 Radio Telescope  की sensitivity  – यानी, रेडियो उत्सर्जन के कमजोर स्रोतों को मापने की क्षमता – एंटीना के क्षेत्र और दक्षता पर निर्भर करती है, संकेतों और आयामों का पता लगाने और पता लगाने के लिए उपयोग किए जाने वाले रेडियो रिसीवर की संवेदनशीलता अवलोकन।

Dish  अंतरिक्ष से Radio Signals को इकट्ठा करता है और उन्हें एंटीना पर केंद्रित करता है। एक बड़ी Dish अधिक रेडियो तरंगों को इकट्ठा करेगी  और एंटीना पर एक मजबूत सिग्नल प्राप्त होगा , इसलिए Radio Telescope  विशाल हो सकती है। दुनिया में सबसे बड़ा largest Individual Radio Telescope Dish   , Puerto Rico  में स्थित Arecibo Radio Telescope  है, जिसका व्यास 305 मीटर है!

Receiver

 एंटीना द्वारा प्राप्त रेडियो तरंगों को प्राप्त करता  है और उन्हें विद्युत संकेतों (Voltage ) में परिवर्तित करता है। Receiver को अक्सर -240 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर रखा जाता है।

ताकि धातु में परमाणुओं की गति के  शोर को कम  किया जा सके |

Detector  

विद्युत सिग्नल की power density को मापता है, जो सिग्नल को फोटो में बदलने के लिए आवश्यक है। एक उच्च शक्ति घनत्व छवि के एक उज्जवल भाग में परिवर्तित करता है |

विश्लेषक(Analyzer) ,

आमतौर पर एक कंप्यूटर या कंप्यूटर से जुड़ी एक Device होती है जो Data को इकठ्ठा करता है और उससे एक तस्वीर का निर्माण करता है |

Radio Telescope के उपयोग –

Radio Telescope के प्रयोग से अन्तरिक्ष में होने वाली हलचलों का पता लगाया जा सकता है |इनसे खगोलीय रहस्यों को सुलझाने में मदद मिलती है |

भारत का सबसे बड़ा Radio Telescope –

भारत में पुणे के जुन्नार, नारायणगांव के पास स्थित विशाल Metrewave Radio Telescope (GMRT)  Observatory भारत का सबसे बड़ा Radio Telescope है |यह नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स (NCRA) द्वारा संचालित है, जो टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई का एक हिस्सा है। इसकी परिकल्पना 1984 में 1996 के दौरान स्वर्गीय प्रो.  गोविंद स्वरूप ( 23 मार्च 1929 –  7 सितम्बर 2020 )के निर्देशन में की गई थी।

विश्व का सबसे बड़ा Radio Telescope –

Source www.google.com

Arecibo Observatory  जो कि Peurto Rico में स्थित था विश्व का सबसे बड़ा Radio Telescope है | इसका प्लेटफार्म 900 टन का था इसकी Reflector Dish 100 फिट चौड़ी थी | यह पिछले 50 वर्षो से लगातार कार्य कर रहा था |

कुछ समय पहले यह Radio Telescope क्षति ग्रस्त होकर गिर गया था | यह विज्ञानं जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है | यह  पृथ्वी से अंतरिक्ष की ओर आने वाले खतरों से आगाह करता था । Arecibo Radio Telescope इतने बड़े और शक्तिशाली Radio Telescope था  कि इसकी सहायता से वैज्ञानिक अंतरिक्ष में विशाल चट्टानों का अध्ययन कर सकते  थे। ऐनी विर्की, जो यहां ग्रहों की रडार टीम का नेतृत्व करते हैं, का कहना है कि कोई अन्य Radio Telescope  इतनी आसानी से Arecibo  Radio Telescope  की जगह नहीं ले पायेगा । इसका Radar  Transmitter  किसी Object की तरफ  प्रकाश भेजता था जो Object से  टकराता था  और वापस लौटता था, तब इसका Radio Dish  इस सिग्नल को पकड़ता था। इससे वैज्ञानिकों क्षुद्रग्रहों की स्थिति, आकार और सतह के बारे में जानकारी प्राप्त करते थे |

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