Short info :- नासा के मुताबिक, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अब तक निर्मित सबसे जटिल अंतरिक्ष लेबोरेटरी है। इसका निर्माण सिलिकान वैली में नासा की विशेषज्ञता के महत्वपूर्ण योगदान से संभव हुआ है। इस टेलीस्कोप के जरिए वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के उन हिस्सों का पता लगाने में मदद मिलेगी जिन्हें पहले कभी नहीं देखा गया या।
बताया जा रहा है कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप 13.5 अरब साल पहले हुए ब्रह्मांडीय घटनाओं पर रोशनी डालेगा। यह पहली लेबोरेटरी है जो सबसे शुरुआती आकाशगंगाओं की खोज करने में सक्षम है और ब्रह्मांड की हमारी समझ को बदल सकती है।
इस टेलिस्कोप में ऐसा क्या खास है कि
इससे वैज्ञानिकों को काफी उम्मीद भी है। माना जा रहा है कि ये ब्रह्मांड की अनसुलझी गुत्थियों को सुलझाने में मददगार साबित भी होगा। इसके जरिए हम ब्रह्मांड की उत्पत्ति को भी समझ सकेंगे।
नासा का अब तक का सबसे अधिक शक्तिशाली टेलीस्कोप जेम्स वेब शनिवार की सुबह करीब 7:20 बजे दक्षिण अमेरिका के फ्रेंज गुयाना स्पेसपोर्ट (यूरोप स्पेसपोर्ट)) से लान्च कर दिया गया। इसको आरियान 5 राकेट से लान्च किया गया है।
इस टेलीस्काप से हमारे ब्रह्मांड के बनने की गुत्थी को सुलझाने भी काफी मदद मिल सकेगी। हमारे सौरमंडल और ब्रह्मांड में बनने वाली पहली गेलेक्सी के बारे में वैज्ञानिक करीब से जान सकेंगे। इसके अलावा तारों की खोज और इनके उलझे रहस्यों को सुलझाने में भी इससे मदद मिल सकेगी।
इसके लान्च होने के बाद नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा कि ये नासा और उसके सहयोगियों के भविष्य में आगे बढ़ने की उनकी महत्वकांक्षा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के जरिए हम उन चीजों को समझ सकेंगे।
अब मिल सकेगी 13.5 अरब साल पहले हुई ब्रह्मांडीय घटनाओं की जानकारी, कल लांच हो गया नासा का जेम्स वेब टेलीस्कोपनासा ने लांच से पहले जेम्स वेब टेलीस्कोप की तस्वीरें जारी भी की थी।
यह वेब टेलिस्कोप जल्द ही अंतरिक्ष में लांच होने वाला सबसे शक्तिशाली टेलिस्कोप बनने की कतार में है। इसे फ्रेंच गुयाना स्थित लांचिंग बेस से 25 दिसंबर को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा।
वाशिंगटन, एजेंसी नासा ने लांच से पहले जेम्स वेब टेलीस्कोप की तस्वीरें जारी की हैं। यह वेब टेलिस्कोप जल्द ही अंतरिक्ष में लांच होने वाला सबसे शक्तिशाली टेलिस्कोप बनने की कतार में है।
मौसम और तकनीक के कारण लांचिंग में देरी का सामना करने के बाद, जेम्स वेब टेलीस्कोप अब पूरी तरह से तैयार है। इसे फ्रेंच गुयाना स्थित लांचिंग बेस से 25 दिसंबर को अंतरिक्ष में भेजा दिया गया है।
समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, जेम्स वेब टेलीस्कोप एक नई तरह का स्पेस टेलीस्कोप है। जो हबल का सक्सेसर है, वो इंफ्रारेड लाइट के जरिए अंतरिक्ष के छिपे हुए हिस्सों को दिखाएगा। इसे पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर अंतरिक्ष में स्थापित किया जाएगा।
इस टेलीस्कोप की मदद से हम ग्रह प्रणालियों को मापने और वहां संभावित जीवन की तलाश करने में सक्षम होंगे। साथ ही तारों के निर्माण और आकाशगंगाओं में हो रहे बदलावों पर भी नजर रख पाएंगे।
नासा के मुताबिक, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अब तक निर्मित सबसे जटिल अंतरिक्ष लेबोरेटरी है। इसका निर्माण सिलिकान वैली में नासा की विशेषज्ञता के महत्वपूर्ण योगदान से संभव हो पाया है। इस टेलीस्कोप के जरिए वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड के उन हिस्सों का पता लगाने में मदद मिलेगी
जिन्हें हम पहले कभी नहीं देखा पाये है। बताया जा रहा है कि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप 13.5 अरब साल पहले हुए ब्रह्मांडीय घटनाओं पर रोशनी डालेगा। यह पहली लेबोरेटरी है जो सबसे शुरुआती आकाशगंगाओं की खोज करने में सक्षम है।और ब्रह्मांड की हमारी समझ को बदल सकती है।
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